
मनाई गई कवि सुंदर की 31वीं पुण्यतिथि ।
उपस्थित वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला ।
फोटों
रामनगर I हिन्दी के कवि सरयू सिंह सुंदर की 31वीं पुण्यतिथि नगर के सुंदर चौक पर मनाई गई। उपस्थित अतिथियों ने कविवर सुन्दर सिंह चौक पर स्थापित कविवर की प्रतिमा पर माला व पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन समर्पित किया। मौकें पर उपस्थित नगर के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य व्यक्तियों ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। सुन्दर कवि की कालजयी रचना ” अंधेरी निशा में नदी के किनारे धधक कर किसी की चिता जल रही है ” अत्यंत प्रासंगिक है। यह कविता पहले भी काफी लोकप्रिय थी तथा आज भी काफी कंठप्रिय है। पूरे हिन्दी जगत में सुंदर कवि के नाम से रामनगर को जाना जाता था। वही नगर परिषद रामनगर के उपसभापति प्रतिनिधि सह मानव सेवा संगठन के सचिव सुजल सिंह ने कविवर सरयुग सुंदर सिंह की जीवनी पर प्रकाश डाला और कहा कि उनके बताए गए मार्ग दर्शन पर हम चलने का प्रयास करते हैं। वही इस कार्यक्रम में शामिल हुए सभी अतिथियो का स्वागत किये।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सदाकांत शुक्ला और संचालन विजय गुप्ता ने किया। मौके पर अंचलाधिकारी वेद प्रकाश , प्रखंड विकास पदाधिकारी अजीत कुमार , थानाध्यक्ष दीपक कुमार , बीपीएम रत्ना प्रिया , कवि हरिद्वार मस्ताना , आचार्य दिनेश शुक्ल, सदाकांत शुक्ल , गौतम प्रसाद राव , उपसभापति श्वेता सिंह, मधुकर राय, परमार्थ संस्थान के संस्थापक दिनेश मुखिया , रंजन उपाध्याय , संजय मिश्र , उपमुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष मनीष पाण्डेय, शुक्ल साह , नागेन्द्र साह , सुजल सिंह , शिशिर राय , मेघनाथ यादव, जीतेन्द्र गुप्ता , राहुल गुप्ता , प्रभुनाथ कुशवाहा , दीपू श्रीवास्तव , श्रीकांत गुप्ता, गोलू सिंह, सुजीत सोनी, आनंद रेमी, डा. राकेश राव, करन कु. गोंड आदि उपस्थित थे।

